Posts

स्वामी विशुद्धानन्द परमहंस गंध बाबा

Image
video स्वामी विशुद्धानन्द परमहंस गंध बाबा  बंगाल राज्य के वर्धमान जिले के बण्डूल में चट्टोपाध्याय वंश लम्बे समय से अतिथि सेवा और भक्ति के लिए प्रसिद्ध है । फाल्गुन मास का 29वा दिन था, वसंत का आगमन हो चुका था, जन्म जन्मांतरों के पुण्य फल का उदय हुआ था जो श्री अखिल चंद्र चट्टोपाध्याय और उनकी सहधर्मिणी देवी राजराजेश्वरी को भगवती जगन्माता की कृपा से एक अपूर्व पुत्र प्राप्त हुआ । इस अद्भुत बालक का नाम भोलानाथ रखा गया जो शुक्ल पक्ष के चंद्रमा की भांति धीरे-धीरे बढ़ने लगा । भोलानाथ को बचपन से ही भगवान की मूर्तियों के साथ खेलना पसंद था । घर में ही विभिन्न देवी – देवताओं की मूर्तियाँ प्रतिष्ठित थी । भोलानाथ जंगल से फुल तोड़ लाता और मालाएं बनाकर उन्हें पहनाता था । तुलसी, बिल्वपत्र और चन्दन आदि सामग्री जुटाकर भोलानाथ देव पूजा में जुटकर परम शांति का अनुभव करता था । बिना देवपूजा किये भोलानाथ जल तक ग्रहण नहीं करता था । भोलानाथ की पूजा में कोई पारम्परिक मन्त्र, विधि नहीं होती थी, बल्कि सच्चे ह्रदय से होती थी । भोलानाथ का वचन सत्य हुआ एक बार की बात है । भोलानाथ अपने साथियों के साथ खेलते...

संत श्री राम ठाकुर जी

Image
  संत श्री राम ठाकुर जी Sri Sri Ram Thakur or Sri Ram  Chandra  Chakroborty or Ram Bhai or Ram Thakur is Purna Brahma Abatar(Incarnate).When Brahma,living in all things,leads them,is called Kala Abatar.When Brahma exposes himself as the supreme good of men,is called Ardha Abatar.When Barhma becomes the owner of natural and super natural qualities and appears in the form of living  beings  of that age to vanish the harmful living  beings  ,save the saints and finishing his duties and goes to his own world,is called Purna Brahma Abatar,as Kumbwa Abatar,Baraha Abatar(Treta Yuga),Krishna Abatar(Dwapar),Jesus Christ and Sri Sri Ramthakur Abatar(Kali Yuga). Illusive men think that Purna Barhma Abatar is only a natural man but pure devotee of God thinks that he is Purna Barhma Abatar. The  characteristics  which are stated below one by one ,show that Sri Sri Ram thakur is nothing but Purna Brahma Abatar in Kali Yuga;as, (i) Ayouni sambhuta(without w...

TELANG BABA तैलंग स्वामी

Image
  तैलंग स्वामी  आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिलेमें एक गाँव है- होलिया. इस गाँव के जमींदार का नाम था- श्री नृसिंहधर. स्वभाव के उदारऔरप्रजा वत्सल. कट्टरब्रह्मण होने सेतीन समय गायत्री करतेथे. इनकीपत्नी विद्यावती देवी और भी धार्मिक प्रवृत्ति कीथी. व्रत उपवास और गृहदेवता शंकर कीपूजा में बहुत समयदेती थी. ले देकर उनके यहाँकोई संतान नहींथी. इस बातको लेकर मन में कमी थी. दोनों पति पत्नी और सब प्रकार से प्रसन्नथे. शादी के लगभगदस वर्ष बीत जाने के बादविद्यावती ने श्री नृसिंहसेकहा-“ आप दुसरा विवाहकरलीजिये.संतान होनेसे परिवार में ख़ुशी रहती है.“ श्री नृसिंह इस बात को नहींमाने.पत्नी के कई बारदोहराने परइतना ही बोले – सौतेली स्त्री घरमें आयेगी तो कलहहोगा.पत्नी बोली- मैं बहन कीतरहरख लुंगी. इस प्रकार समयऔर बीतता गया. और इसी के साथ विद्यावती कीमांग भी.अंत मेंश्री नृसिंहने दूसरी शादी कर ली. दूसरी पत्नी को गृहस्थी का सारा भारदेती हुई विद्यावती बोली-“ आज सेतुम्हेंही सब कुछ देखना है.मैंतुम्हारी सहायता करूं गी औरशेष समयमें पूजा करुँगी.“ कुछदिनों बाद नृसिंह के यहाँ चमत्कार हुआ. सन १६०७ ई. के प्रारम्भम...

Devraha Baba देवरहा बाबा

Image
 Devraha Baba  देवरहा बाबा भारत के जाने–माने सिद्ध पुरुष तथा योगी थे। पूजनीय बाबा को महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग में महाभारत हासिल थी। योगिनी एकादशी को बाबा की पुण्यतिथि है तो आइए हम आपको महापुरुष के बारे में कुछ जानकारी देते हैं। देवरहा बाबा का जन्म कब हुआ कोई नहीं जानता। वह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले थे। उनकी उम्र के बारे में कुछ कहना मुश्किल है। कुछ लोगों के अनुसार वे 900 साल तक जिन्दा थे। बाबा अपने भक्तों के लिए पूजनीय थे, इनके भक्त पूरी दुनिया में फैले हुए हैं। नेता, फिल्म स्टार्स और बड़े-बड़े अधिकारी उनसे आशीर्वाद लेने आते थे। बाबा जनसेवा और गोसेवा को सर्वोपरि मानते थे। यही नहीं अपने भक्तों को गरीबों और जरूरतमदों की सेवा, गोमाता की रक्षा करने तथा ईश्वर की भक्ति में लीन रहने को प्रेरित करते थे। बाबा शुद्धता, ईमानदारी तथा सात्विकता पर विशेष जोर देते थे। उनका मानना था कि इसके बिना ईश्वर की प्राप्ति सम्भव नहीं है। वे कहते थे कि श्रीकृष्ण तथा श्रीराम की धरती होने के कारण भारत बहुत पवित्र स्थल है तथा अपने देश की रक्षा करना हर देशवासी का परम कर्तव्य है। उन्होंने...